दो कार्यकाल के विकास कार्यों और प्रशासनिक अनुभव का मिल सकता है लाभ, 1456 मतदाता करेंगे फैसला

कोरबा। करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में होने जा रहे सरपंच उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। 1 जून को होने वाले मतदान में जहां एक ओर नए नेतृत्व की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी और विकास कार्यों का लंबा अनुभव रखने वाली प्रभा रामप्रसाद कंवर मतदाताओं के बीच मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही हैं।
पूर्व सरपंच के रूप में प्रभा कंवर ने अपने कार्यकाल में पंचायत के विकास, बुनियादी सुविधाओं और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रयास किए। पंचायत के लोगों का मानना है कि शासन-प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने और योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का अनुभव प्रभा कंवर की सबसे बड़ी ताकत है।
विकास की निरंतरता का मुद्दा बना प्रमुख चुनावी आधार
ग्राम पंचायत सलिहाभांठा लंबे समय तक रामप्रसाद कंवर और प्रभा कंवर के नेतृत्व में संचालित रही। इस दौरान पंचायत में कई विकास कार्य हुए और अनेक योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचा। ग्रामीणों का एक बड़ा वर्ग मानता है कि अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने और पंचायत की योजनाओं में निरंतरता बनाए रखने के लिए अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता है।
कार्यवाहक व्यवस्था में भी परिवार ने संभाली जिम्मेदारी
युवा सरपंच नवरंगलाल कंवर के आकस्मिक निधन के बाद पंचायत विकास कार्यों पर असर न पड़े, इसके लिए कार्यवाहक सरपंच के रूप में रामप्रसाद कंवर ने जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान पंचायत के नियमित कार्य और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चलती रहीं। इससे भी प्रभा कंवर के पक्ष में विश्वास का माहौल दिखाई देता है।
महिला नेतृत्व पर भरोसा जता सकते हैं मतदाता
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। प्रभा कंवर को महिलाओं, बुजुर्गों और स्वयं सहायता समूहों का भी अच्छा समर्थन मिलने की चर्चा है। पंचायत के कई मतदाता मानते हैं कि अनुभवी महिला नेतृत्व पंचायत के विकास को नई गति दे सकता है।
सलिहाभांठा के मतदाता निभाएंगे निर्णायक भूमिका
पंचायत के कुल 1456 मतदाताओं में लगभग 60 प्रतिशत मतदाता मुख्य ग्राम सलिहाभांठा से हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि प्रभा कंवर को मुख्य ग्राम के मतदाताओं का अपेक्षित समर्थन मिला, तो उनकी जीत की राह आसान हो सकती है।
अब सबकी निगाहें 1 जून के मतदान पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता अनुभव, विकास कार्यों की निरंतरता और प्रशासनिक समझ को प्राथमिकता देते हुए प्रभा रामप्रसाद कंवर पर भरोसा जताते हैं या फिर पंचायत को नया नेतृत्व सौंपते हैं।
