कोरबा। अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा संगठन “दिया” कोरबा के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर, बलगी में डिवाइन वर्कशॉप एवं नशा मुक्ति कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, राष्ट्रभक्ति, नशामुक्त जीवन, नारी सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य संत कुमार यादव एवं जिला संयोजक विजेंद्र यादव की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर महिला मंडल एवं ‘दिया’ संगठन की नारी शक्तियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।

मुख्य वक्ता कन्हैया लाल चौहान ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, अनुशासन और स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से जीवन में सफलता के सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि “चरित्रवान और संस्कारित युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।”

दिया कोरबा की नारी शक्ति प्रमुख सविता साहू ने नारी जागरण और महिला सशक्तिकरण पर प्रेरक उद्बोधन देते हुए रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई होल्कर और सावित्रीबाई फुले जैसी महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को हर प्रकार के नशे से दूर रहने तथा समाज में महिलाओं के सम्मान का संकल्प भी दिलाया।

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर जिला संयोजक विजेंद्र यादव ने कहा, “हाथों में शक्ति, हृदय में संस्कार—युवाओं से ही होगा भारत सशक्त और आत्मनिर्भर।” उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त जीवन, नारी सम्मान, संस्कारों को अपनाने तथा स्वस्थ, श्रेष्ठ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, महिला मंडल, ‘दिया’ कोरबा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
