कोरबा। हसदेव नदी के तेज बहाव के बीच एक गाय के फंस जाने से उसकी जान पर संकट मंडरा रहा था। नदी का बहाव इतना तेज था कि वहां पहुंचना भी किसी खतरे से कम नहीं था। लेकिन गौ सेवा के लिए सक्रिय टीम ने बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

इस दौरान प्रिंस पटेल और हरिओम केवट ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव वाली नदी में उतरकर मोर्चा संभाला। दोनों धीरे-धीरे गाय तक पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे।
रेस्क्यू के दौरान नदी की तेज धार और गहराई के बीच हर पल खतरा बना रहा, लेकिन गौ सेवकों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। आखिरकार गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
इस साहसिक रेस्क्यू में वेदांत साहू, प्रिंस पटेल, हरिओम केवट, आशीष राजवाड़े,करुणा बेनर्जी, कान्हा साहू, साहिल साहू, राहुल यादव, रितिक साहू, तानु, राकेश वैष्णव, कारण यादव, निशांत उरांव, गुलशन यादव, विजय यादव, अशोक कंवर, यशवंत चौहान, अरुण चौहान, बलराम साहू, अमित साहू और गौरव साहू सहित गौ सेवा से जुड़े सदस्यों की भूमिका रही।
कोरबा जिले के सरगबुंदिया निवासी वेदांत साहू लंबे समय से बेसहारा और संकट में फंसे मवेशियों की मदद के लिए सक्रिय हैं। उनकी टीम का यह प्रयास एक बार फिर दिखाता है कि गौ सेवा सिर्फ भावना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर जान जोखिम में डालकर जीवन बचाने का संकल्प भी है।
तेज बहाव के बीच हुआ यह रेस्क्यू अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। गौ सेवकों के साहस और जज्बे की हर तरफ सराहना हो रही है।
