“घरघोड़ा से खिलावन दास महंत की रिपोर्ट”
पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 14 एमटी 4655 इन दिनों सड़कों पर चलता-फिरता खतरा बन चुका है। चालक द्वारा इंसानों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस-ठूंसकर भरकर ले जाया जा रहा है, मानो उनकी जान की कोई कीमत ही नहीं हो। लगभग 25 से 30 लोगों को एक छोटे से पिकअप में भरकर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
हैरानी की बात यह है कि आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद न तो चालक को डर है और न ही प्रशासन का खौफ। हाल ही में मां मड़वा रानी मंदिर से लौटते वक्त ऐसा ही एक ओवरलोड पिकअप अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया, जिसमें 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। क्या इतनी बड़ी घटनाएं भी जिम्मेदारों को जगाने के लिए काफी नहीं हैं?
सबसे बड़ी लापरवाही तो तब सामने आई जब इस वाहन को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकना जरूरी नहीं समझा और तेज रफ्तार में फरार हो गया। यह सीधा-सीधा कानून की अवहेलना और लोगों की जान से खिलवाड़ है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ऐसे लापरवाह चालकों को खुली छूट मिलती रहेगी? क्या किसी बड़ी जनहानि का इंतजार किया जा रहा है?

अब समय आ गया है कि परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और प्रशासन ऐसे बेलगाम चालकों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करे। भारी चालान, लाइसेंस निरस्तीकरण और कड़ी कानूनी कार्रवाई ही ऐसे लोगों को सबक सिखा सकती है।
अगर अभी नहीं चेते… तो अगली खबर और भी दर्दनाक हो सकती है।
