दहेज और मारपीट की भेंट चढ़ी विनीता? बिना पोस्टमार्टम आनन-फानन में दफनाने से गहराया शक

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कोरबा। उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भलपहरी में विवाहिता विनीता पाटले की संदिग्ध मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मायके पक्ष ने मृतिका के पति मुकेश पाटले और उसके परिवार पर लगातार मारपीट, दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मौत को संदिग्ध बताया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना पोस्टमार्टम कराए शव को इतनी जल्दी कफन-दफन क्यों कर दिया गया?
मृतिका के परिजनों के अनुसार विनीता की शादी लगभग आठ वर्ष पूर्व मुकेश पाटले से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे आए दिन मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता था। कई बार उसे घर से निकाल दिया जाता था, जिसके बाद वह रोते-बिलखते अपने मायके ग्राम गिधौरी पहुंचती और अपने ऊपर हो रहे अत्याचार की जानकारी माता-पिता को देती थी।
परिजनों का कहना है कि मामला शांत होने के बाद मुकेश पाटले गांव और रिश्तेदारों को साथ लेकर ससुराल पहुंचता और दो बच्चों का हवाला देकर विनीता को वापस ले जाने की जिद करता था। परिवार वाले भी बच्चों का भविष्य सोचकर समझाइश देते हुए विनीता को वापस ससुराल भेज देते थे। लेकिन आरोप है कि हर बार समझौते के बाद भी मुकेश पाटले अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और लगातार गाली-गलौज व मारपीट करता रहा।
बताया जा रहा है कि दो-तीन महीने पहले भी मारपीट से परेशान होकर विनीता मायके चली गई थी। हाल ही में गिधौरी में एक शादी कार्यक्रम के दौरान भी पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान मुकेश पाटले जबरन विनीता को अपने साथ भलपहरी ले गया।
मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद विनीता के साथ फिर मारपीट की गई होगी, जिसके कारण उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे कोरबा जिला अस्पताल लाया गया, जहां से मुकेश पाटले ने अपनी सास को फोन कर बताया कि उनकी बेटी की हालत गंभीर है।
परिजनों के अनुसार अस्पताल में विनीता ने अपनी मां से कहा था कि “मुझे जानबूझकर मारा जा रहा है… मां मुझे बचा लो।” हालत गंभीर होने पर उसे निजी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां भी भर्ती नहीं किया गया और रायपुर ले जाने की सलाह दी गई। रायपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मौत के बाद भी ससुराल पक्ष ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। मायके पक्ष लगातार पोस्टमार्टम कराने की मांग करता रहा, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और उसी दिन जल्दबाजी में शव का कफन-दफन कर दिया गया।
अब मृतिका के परिजन कई सवाल उठा रहे हैं—
आखिर पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया?
विनीता की तबीयत अचानक इतनी गंभीर कैसे हो गई?
ससुराल पक्ष सही जानकारी देने से क्यों बच रहा है?
और क्या मारपीट ही मौत की वजह बनी?
मायके पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीता को दहेज के लिए भी प्रताड़ित किया जाता था। फिलहाल परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, शव उत्खनन कर पोस्टमार्टम और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे साफ हो सकेगा कि विनीता की मौत बीमारी से हुई या फिर प्रताड़ना और मारपीट ने उसकी जान ले ली।

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