कोरबा जिले में अवैध गैस कारोबारियों के खिलाफ आखिरकार खाद्य विभाग का डंडा चला और कई दिनों से चल रहे “खेल” का पर्दाफाश हो गया। आकस्मिक जांच के दौरान फरसवानी और बीरतराई में जो सामने आया, उसने सिस्टम की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्राम पंचायत फरसवानी स्थित सोनी टेंट हाउस में छापेमारी के दौरान 08 घरेलू और 01 कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर खुलेआम अनधिकृत रूप से जमा पाए गए। नियमों को ठेंगा दिखाते हुए चल रहे इस खेल पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विभाग ने सभी 09 सिलेंडरों को जप्त कर उमरेली इंडेन गैस एजेंसी को सुपुर्द कर दिया।
वहीं दूसरी तरफ, बीरतराई (करतला) में संजय कुमार साहू के घर पर की गई जांच में हालात और भी चौंकाने वाले निकले। यहां 11 घरेलू सिलेंडर बिना किसी वैध दस्तावेज के स्टॉक किए गए थे। साफ है कि घरेलू गैस का दुरुपयोग कर काला कारोबार चलाया जा रहा था। विभाग ने सभी 11 सिलेंडरों को जब्त कर एचपी उरगा गैस एजेंसी के हवाले कर दिया।
👉 सबसे बड़ा सवाल — आखिर इतने लंबे समय से ये अवैध भंडारण चल कैसे रहा था?
👉 क्या स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के बिना ये संभव है?
खाद्य विभाग ने साफ कर दिया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का इस तरह भंडारण करना कानूनन अपराध है और आगे भी ऐसे “गैस माफियाओं” पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
⚠️ चेतावनी साफ है — अब भी नहीं संभले, तो अगला नंबर आपका हो सकता है!
