बरपाली। शासकीय महाविद्यालय बरपाली की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा ग्राम सलिहाभाठा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का छठवां दिन सामाजिक संदेशों से भरा रहा। शिविर में शामिल छात्र-छात्राओं ने कई प्रस्तुति कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया।

छात्रों ने विशेष रूप से दहेज प्रथा पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें बताया गया कि दहेज मांगना न सिर्फ सामाजिक कुरीति है बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। नाटक में यह संदेश दिया गया कि दहेज की वजह से आज भी कई परिवार टूट रहे हैं और विवादों के चलते लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विद्यार्थियों ने जोर देकर कहा कि समाज को इस परंपरा का पूरी तरह बहिष्कार करना चाहिए।
इसके अलावा भी शिविर स्थल पर कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। एनएसएस स्वयंसेवक लगातार छह दिनों से गांव में स्वच्छता, शिक्षा, नशामुक्ति और विधिक अधिकारों से जुड़ी जानकारियां लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
छठवें दिन आयोजित कार्यक्रमों को देखने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। लोगों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे शिविर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एनएसएस शिविर का समापन 1 दिसंबर को किया जाएगा।
